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इन्तजार /उम्मीदे

 इंतजार करूंगी मैं तुम्हारा

पतझड़ में पेड़ की तरह
तुम बसंत की तरह एक दिन लौटोगे
और मैं लद जाऊंगी नई कोपलों से

इंतजार करूंगी मै तुम्हारा सूख गई नदी की तरह
जिसकी फटी दरारों पर  पहली बूँद से
चमक उठोगे तुम
और धीरे-धीरे वापस लौट आएंगी मछलियां

तुम्हारे इंतजार में मुझे पेड़ हो जाना है
जिस पर लौट आएंगी शाम तक
सभी यादें
चहचहाती चिड़ियों की तरह
और कट जाएगी इंतजार की काली रात

मैं समुद्र की तरह
अमावस और पूर्णिमा को
बेचैन हो जाऊंगी पाने को
अपने हिस्से का चांद और फिर
समेट लूंगी  सारी लहरों को अपने ही भीतर

तुम्हारा इंतजार करते हुए
मैं समय का इंतजार करूंगी
तुम्हारा आना भी तय है
बसंत की तरह
बारिश की तरह

मेरे सामने अब लंबा इंतजार है
जिसे मैं  तय करूंगी
तुम्हारे कपड़े पर छूट गई उस महक से
जो हवा के साथ मेरे पास आती है
और तुम जानते हो
हवाओं का कोई तय समय नहीं है

मै तुम्हारी खूशबू के गिरफ्त में हूँ
और इंतजार के सभी अक्षर
प्रेम में मेरे सामने पहाड़ से खडे हो गए हैं।

(-------)




(2)

मै रोज एक उम्मीद उछालती हूँ
जैसे कोई बच्चा फेकता है पत्थर
खाली आकाश की ओर
ओझल होते हुए आंखों से
बदल जाती है पत्थर की दिशा

नायक पत्थर उछालने मे माहिर है
उसके पास हर माप के हर रंग के पत्थर
मौजूद हैं
उसे पत्थर बाज तो नहीं कह सकते
वह उछालता है आदमी की उम्मीदे उसी की ओर

ऐसे ही रोज तमाम उम्मीदे फेंकी जा रही है
आदमी की परिधि से बाहर
जो घूम रही हैं उसके जीने की विपरीत दिशा की ओर
और उम्मीदों का उसकी ओर उछाला जाना
एक साजिश है आदमी के ही खिलाफ

एक निश्चित वेग से फेंक दिए जाने पर
पृथ्वी की परिधि से बाहर गई चीजें
वापस नहीं लौटती हैं
वह घूमती रहती है उसके ही साथ
जिसे देखा भी नहीं जा सकता है
नंगी आँखों से

सदी का महानायक उछाल रहा है नई उम्मीदे
आकाश की ओर
और आदमी गर्दन ऊपर किये ताक रहा है
ओझल होती जाती अपने हिस्से की आखिरी चीज

पूरा आकाश भर गया है
चमकदार नक्षत्रों से
कई सदी के पत्थरों का बोझ ढोता आसमान
अब लड़खड़ाने लगा है कभी कभी

ऐसे ही किसी दिन जब रौशनी के चकाचौध से
अचानक लड़खड़ाएगा आकाश
एक बच्चा उछालेगा उम्मीद का आखिरी पत्थर
और आकाश औंधे मुँह गिर जायेगा
तमाम उम्मीदों के साथ धरती पर

आदमी की गर्दन के साथ
उसके रीढ़ पर पड़ा बोझ भी हल्का हो जायेगा
कोई आदमी नींद से जागेगा और
उम्मीदों की पड़ी लाशों पर सफ़ेद चादर बिछा कर
थोड़ा सा झुक जायेगा ¡

-गरिमा सिंह 

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