मैंने सुना था कभी
जैसे सुनी जाती है
आती हुई ट्रेन की सीटी
या सुनाया गया
उलाहने की तरह कभी
"एक मछली करती है
पूरा तालाब गन्दा"
मैंने केवल सुना था
जाना नहीं
अब जाना एक मछलीसे
गढ़े जा सकते है प्रेम प्रतिमान
बदले जा सकते है
चेहरे पानी के बिना
एक मछली फिसल सकती है
तुम्हारी आत्मा के सहारे
एकांत मे
एक मछली ढ़ो सकती है
तुम्हारे देवता को
बचा सकती है इंसान होने से
समूची पृथ्वी के साथ
एक मछली डूब सकती है
बिना आक्सीजन के
बढ़ा सकती है पानी मे
आक्सीजन की मांग
एक मछली बचा सकती है
प्रलय के समय तुम्हे
पूरी पृथ्वी समेत
ये एक मछली निश्चित ही
बची रहनी चाहिए
तालाब मे
मै खोज रही हूँ इसे
आस पास के तालाब मे
सारी मछलिया तैर गई है जल मे
दूर तक फैल रही है संडाध
सारे तालाब दिख रहे गंदे
आखिर कहा होगी वो एक मछली
इन मरी हुई मछलीयों के बीच ¡
गरिमा सिंह

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