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सितंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सबसे जरूरी है नींद

  सबसे जरूरी है नींद ========≠=== मुझे बताया गया सबसे जरूरी है नींद नींद न आने पर सपने भी नहीं आते मुझे सपने बहुत पसंद है जिसे देखना सुखद है मै सो गई सबसे जरूरी थी नींद मै आज इतने दिन बाद भी सपने देख रही बस सपने गहरी नींद मे मैंने देखा मेरी तरह सबने मान लिया नींद बहुत जरूरी है सब सो रहे है सपने देखने के लिए सपनों की खरीद फरोख्त मे मे शामिल था वह अकेला आदमी जिसने बताया था सबको नींद जरूरी है सपनों के लिए ¡ --------=-गरिमा सिंह 

बुनते हुए सन्नाटा

  रात मे खोलती हूँ खिड़की दूर तक सन्नाटा पसरा है स्याह चेहरों की तरह चेहरों पर स्याह रंग और सन्नाटा रात को गहराता है खिड़कियों से अंदर झाँकता है अंधेरा मेरे कानो से उतर जाता है मन मे जागते हुए भी स्याह चेहरों के गिरफ्त मे हूँ सन्नाटे यूँ ही नहीं बनते पहले बनती है रात उसमे फ़ैलते है स्याह रंग फिर गुजरता है आदमी चुपचाप बंद करता है किवाड खोलता है खिड़की जागते हुए देखता है रात भर बाहर धीरे धीरे सन्नाटे को अपने भीतर उतरता है धुए की तरह रात मे जागता हुआ आदमी बस जागता नहीं उसकी आँखों मे नींद के साथ जागते है कई ख्वाब जो उसके भीतर से गुजरे है सन्नाटे की तरह मै जानती हूँ सन्नाटा केवल रात मे नहीं होता यह होता है आदमी के भीतर भी जो रात के सन्नाटे से मिल जाता है पूरे दिमाग़ को भर देता है एक खालीपन से जो रात के इस सन्नाटे से कही ज्यादा भयावह है आदमी के लिए ¡ --------------गरिमा सिंह 

मैं अच्छी लड़की नहीं हूँ

  मैं नहीं मानती तुम्हारी सब बातें नहीं मिलाती हाँ मे हाँ जरूरत भर ही सुनती हूँ तुमको अब तरेरती आँखों के आगे नहीं झुकती मेरी आँखे नहीं लड़खड़ाते मेरे कदम नहीं कांपती ज़ुबान हमेशा निकल जाती हूँ तुमसे चार कदम आगे तुम पीछे से फेंकते हो कंकड़ पूरे जोर से जो नीचे गिर जाते हैं मैं किसी दिन कछुए की तरह अपनी पीठ पर लदे बोझ को उतार कर फेंक दूँगी या किसी दिन समूची पृथ्वी समेत मै डूब जाउंगी समुद्र मे निकलूंगी खोल से बाहर मै जानती हूँ मेरी बातें अटक जाती है तुम्हारे गले मे काटें की तरह मुझे निगलना नहीं है तुम्हारे लिए आसान तुम कहते हो मै नहीं हूँ अच्छी लड़की मै जानती हूँ तुम कहना चाहते हो मै तुम्हारे पहुंच से बाहर हूँ मै बिल्कुल अच्छी लड़की नहीं हूँ ¡ ==≠=====गरिमा सिंह