एक साहित्यिक यात्रा की शुरुआत मेरी कविता संग्रह "चाक पे माटी सा मन "से हुई है, जिसके विमोचन में हिन्दी साहित्य के कई बड़े कवियों ने शिरकत किया। इसके बाद लखनऊ में काव्य पाठ का सुअवसर मुझे मिला, जिसमें हिन्दी के वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना जी से मुलाकात हुई, साथ ही जीवन सिंह जी , नमिता सिंह जी से भी परिचित हुई, ये सिलसिला यूँ ही चलता रहे 😊
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