एक दिन ===== एक दिन कैदी निकल आएंगे जेलों से, तोड़ देंगे सलाखें, तब तुम्हारी साजिशे उन्हें नहीं कर पाएंगी दूर आदमी बन जायेंगे एक दिन परिंदे लाँघ जायेंगे दीवारें, पूरे जोर से उड़ेंगे मैदानों की ओर, जहाँ नहीं होगी जेल दीवार, और पिंजरा बदल जायेगा सभी कुछ एक दिन। -Garima singh एक शर्त ===== आदमी और औरत बनाते है एक घर बनाते है दरवाजे, खिड़कियां रोशनदान बिछाते है गलीचे सजाते है गुलदस्ते, धीरे -धीरे आदमी और औरत के बीच आ जाती है दीवार, बंद हो जाते है दरवाजे, खो जाते है खिड़कियां और रोशनदान, सही यही है घर को बनाते हुए सजाते हुए, पहली शर्त है आदमी का आदमी से प्यार करना,। Garima singh भटकाव ===== अक्सर सीधे -सीधे रास्ते पर चलता हुआ आदमी एक दिन निकल जाता है बहुत दूर जहाँ से रास्ते गंतव्य को नहीं जाते, वो खड़ा होकर सोचता है वापस आने को, पीछे मुड़ कर देखता है, कदम साथ देते है कुछ दूर वापस आने पर एक रास्ता और मिल जाता है, बहुत सोच समझ कर उस पर बढ़ जाता है धीरे -धीरे उसके पैर अनजान रास्तो पर चलने कोअभ्यस्त ह...
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